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मैनपाट

"छत्तीसगढ़ का शिमला"

तिब्बती बस्ती, बुद्ध मंदिर, उल्टा पानी (जहाँ पानी ऊपर की ओर बहता दिखता है) और झरनों वाला ठंडा पठार। जुलाई से फरवरी सबसे अच्छा समय।

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रामगढ़ पहाड़ी

सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफाएँ

जंगल के पुराने रास्ते पर ईसा पूर्व तीसरी–दूसरी सदी की गुफाएँ। सीताबेंगरा को भारत की सबसे पुरानी नाट्यशालाओं में गिना जाता है, और जोगीमारा में प्राचीन चित्र हैं। चढ़ाई के लिए अच्छे जूते पहनें।

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सतमहला

सरगुजा के प्राचीन मंदिरों के अवशेष

कलचा–भदवाही में पुराने तालाबों के पास ईंट और पत्थर के मंदिरों के अवशेष। नाम का अर्थ है "सात महल", और खुदाई में नक्काशीदार द्वार और मूर्तियाँ मिली हैं।

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माँ महामाया मंदिर

जिनके नाम पर अंबिकापुर का नाम है

शहर की पूर्वी पहाड़ियों पर। चैत्र और शारदीय नवरात्रि में बहुत भीड़ रहती है, इसलिए उन दिनों के लिए कमरा पहले बुक करें।

होटल से कार में लगभग 12 मिनट

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सरगुजा पैलेस

सरगुजा का राजसी इतिहास

सरगुजा राजघराने का पुराना महल, जिसे रघुनाथ पैलेस भी कहते हैं। दशहरे के दिन आम लोगों के लिए खुलता है।

होटल से कार में लगभग 5 मिनट

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तातापानी

प्राकृतिक गर्म पानी के झरने

पास के बलरामपुर ज़िले में गर्म पानी के कुंड। मकर संक्रांति पर बड़ा मेला लगता है।

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